टिप्पणी

15वीं पंचवर्षीय योजना: "चीन के शासन" के वैश्विक महत्व का विश्लेषण

हाल ही में चीनी जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) और चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (सीपीपीसीसी) के सफल समापन और पंद्रहवीं पंचवर्षीय योजना की रूपरेखा जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपनाने से नए साल की एक महत्वपूर्ण शुरुआत हुई है। अंतरराष्ट्रीय मत यह है कि एनपीसी और सीपीपीसीसी ने न केवल चीन की भविष्य की कार्ययोजना तैयार की है, बल्कि सभी देशों के बीच साझा समृद्धि के लिए एक रोडमैप भी बनाया है। चीन अगले पांच वर्षों में क्या करेगा? पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से चीन के सफल शासन का रहस्य क्या है? अगले पांच वर्षों में दुनिया किस प्रकार का चीन देखेगी?

13-Mar-2026
चीन में 'फूल अर्थव्यवस्था' का बढ़ता बाजार, पर्यटन और उद्योग को मिल रहे नए आयाम

चीन में 'फूल अर्थव्यवस्था' का बढ़ता बाजार, पर्यटन और उद्योग को मिल रहे नए आयाम

पूरे चीन में इन दिनों 'फूल अर्थव्यवस्था' तेजी से फल-फूल रही है। फूलों की खेती, बिक्री और सांस्कृतिक पर्यटन को शामिल करने वाला यह उद्योग अब सिर्फ बगीचों तक सीमित नहीं रह गया है। यह नए जमाने के कैफे और क्रिएटिव बेकरियों में भी अपनी जगह बना रहा है, जो आगंतुकों को मौसमी स्वाद का अनूठा अनुभव प्रदान कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में फूलों के खेत अब पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। स्थानीय उद्यमी फूल-आधारित उत्पादों और थीम वाले कैफे के जरिए युवाओं को लुभा रहे हैं। यह रुझान न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है बल्कि ग्रामीण पर्यटन को भी एक नई दिशा दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि 'फूल अर्थव्यवस्था' आने वाले समय में चीन के सांस्कृतिक और आर्थिक परिदृश्य में और अहम भूमिका निभाएगी।
16-Mar-2026
China के “Two Sessions” पर ख़ास चर्चा

चीन में हर साल होने वाली “टू सेशंस” यानी “दो सत्र” देश की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकों में से एक मानी जाती है। इस दौरान देश के नेता और प्रतिनिधि इकट्ठा होकर चीन के विकास, अर्थव्यवस्था और आने वाली नीतियों पर चर्चा करते हैं। इन बैठकों में NPC और CPPCC की बैठक होती है। इसमें सरकार अपनी कामकाज की रिपोर्ट पेश करती है, आर्थिक विकास के लक्ष्य तय किए जाते हैं और देश के भविष्य से जुड़े कई अहम फैसलों पर विचार किया जाता है। इसी पर चर्चा करने के लिए, हमारे साथ जुड़ गये हैं जेएनयू के प्रोफेसर और चीनी और दक्षिण पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार।

13-Mar-2026