21-Jan-2026
चीन में पंद्रहवीं पंचवर्षीय योजना की शुरूआत होने वाली है। इसके ठीक पहले आर्थिक मोर्चे पर चीन के बेहतर प्रदर्शन ने देश को नए उत्साह से भर दिया है। साल 2025 में चीन के सकल घरेलू उत्पाद दर यानी जीडीपी में पांच प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की है।
2025 के अंत में, यूरोप और मध्य पूर्व के 100 से अधिक विदेशी खरीदारों ने चीन के यीवू शहर के लिए एक चार्टर विमान बुक किया।
चीन द्वारा 2025 के लिए 5.0% आर्थिक वृद्धि के पूर्वानुमान जारी किए जाने के बाद, विदेशी कंपनियों के सीईओ ने इसे "वास्तविक अवसर" बताते हुए इसकी प्रशंसा की। अंतर्राष्ट्रीय टिप्पणीकारों ने इसे "अपेक्षाओं से परे" और "अत्यधिक लचीला" बताया। इस आंकड़े के पीछे ठोस वृद्धि निहित है, जो चीनी अर्थव्यवस्था की स्थिर और लचीली प्रकृति का स्पष्ट प्रमाण है, और वैश्विक अर्थव्यवस्था में बहुमूल्य निश्चितता का संचार करती है।
खूबसूरत बर्फ से ढके गांव में मौसम का आनंद लेते पर्यटक
हूपेई प्रांत के शियांगयांग में ड्रोन का उपयोग करके बिजली के तारों से बर्फ हटाते रोबोट
च्यांगसू प्रांत के सिहोंग में बर्फ से ढके खूबसूरत देवदार के जंगल
क़लम की ताक़त पर संदेह न करना, क्योंकि हर कहानी की शुरुआत और अंत इसी कलम से होता है
बेहतर के लिए प्रयास करता हूं और लगातार नए विचारों का सृजन करता हूं
बहुत सीमित हूं मैं अपने शब्दों में,लेकिन बहुत विस्तृत हूँ अपने अर्थों में
भारत में पच्चीस सालों तक रहने का एक चीनी अनुभवी
आज की दुनिया एक ऐसे दौर से गुज़र रही है जहाँ हर बड़ी खबर किसी न किसी तरह ग्लोबल पॉलिटिक्स की शतरंज से जुड़ी हुई है। चाहे वह अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव हो, रूस को लेकर अमेरिका के नए कानून हों, या भारत और चीन जैसे उभरते देशों की भूमिका हो, हर चीज़ एक बड़ी तस्वीर की ओर इशारा करती है। सवाल यह है कि क्या ये सिर्फ़ अलग-अलग घटनाएं हैं, या दुनिया एक नए पावर शिफ्ट की ओर बढ़ रही है? इसी संदर्भ में, आज हम दिल्ली यूनिवर्सिटी के देशबंधु कॉलेज में प्रोफेसर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह से बात करेंगे, जो ग्लोबल पॉलिटिक्स पढ़ाते हैं और इंटरनेशनल मामलों में खास पकड़ रखते हैं, ताकि इन जटिल ग्लोबल डायनामिक्स को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के संस्कृति और पर्यटन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में, शीत्सांग ने जन-हितकारी सांस्कृतिक परियोजनाओं के निर्माण और जमीनी स्तर पर सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा दिया ।
ये तस्वीरें शनिवार को दक्षिण-पश्चिमी चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से शहर में ली गई हैं। फोटो में शिगात्से शहर में स्थित बाइखुत्सो झील के आकर्षक शीतकालीन नज़ारों को कैद किया गया है। बाइखुत्सो झील, जो शीत्सांग के शिगात्से शहर के ग्यिरोंग और न्यालम काउंटियों की सीमा पर स्थित है, माउंट एवरेस्ट प्राकृतिक रिज़र्व में सबसे बड़ी अंतर्देशीय झील है। यह लगभग 300 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली है और समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 4,590 मीटर है। सर्दियों के इस मौसम में, झील का नीला जल और आसपास के बर्फ से ढके ऊंचे पहाड़ एक मनोरम प्राकृतिक चित्र प्रस्तुत करते हैं, जो पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अद्भुत दृश्यावली बनाते हैं। यह दृश्य शीत्सांग के प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण की एक झलक प्रदान करता है।
शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के वाणिज्य ब्यूरो से मिली ख़बर के अनुसार 14वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के दौरान शीत्सांग में सीमा व्यापार और रसद में तेजी आई।
1 जनवरी को सुबह लगभग 9 बजे, नेपाली कंटेनर ट्रकों का एक बेड़ा नेपाल के रसुवा सीमा चौकी से चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से स्थित चिलोंग सीमा चौकी तक अस्थायी पुल को धीरे-धीरे पार कर गया।