टिप्पणी

15वीं पंचवर्षीय योजना: "चीन के शासन" के वैश्विक महत्व का विश्लेषण

हाल ही में चीनी जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) और चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (सीपीपीसीसी) के सफल समापन और पंद्रहवीं पंचवर्षीय योजना की रूपरेखा जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपनाने से नए साल की एक महत्वपूर्ण शुरुआत हुई है। अंतरराष्ट्रीय मत यह है कि एनपीसी और सीपीपीसीसी ने न केवल चीन की भविष्य की कार्ययोजना तैयार की है, बल्कि सभी देशों के बीच साझा समृद्धि के लिए एक रोडमैप भी बनाया है। चीन अगले पांच वर्षों में क्या करेगा? पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से चीन के सफल शासन का रहस्य क्या है? अगले पांच वर्षों में दुनिया किस प्रकार का चीन देखेगी?

13-Mar-2026
पूरी प्रक्रिया वाला लोकतंत्र 15वीं पंचवर्षीय योजना के प्रारंभ के लिए चीनी लोगों के दिलों और दिमागों को एकजुट करता है

चीन की राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) और चीनी जन राजनीतिक परामर्श सम्मेलन (सीपीपीसीसी) के वार्षिक “दो सत्र” चीन के पूरी प्रक्रिया वाले लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण झलक प्रस्तुत करते हैं। राजधानी पेइचिंग में आयोजित इन बैठकों में एनपीसी और सीपीपीसीसी के लगभग पाँच हज़ार प्रतिनिधि और सदस्य एकत्रित होते हैं। ये प्रतिनिधि अपने साथ जमीनी स्तर से उठने वाली जनता की सशक्त आवाज़ें भी लेकर आते हैं। कुछ प्रतिनिधि विकास से जुड़ी चर्चाओं के लिए स्थानीय विशेषज्ञता साझा करते हैं, तो कई अन्य “जनभावनाओं की नोटबुक” के साथ व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत करते हैं। 

11-Mar-2026
China के “Two Sessions” पर ख़ास चर्चा

चीन में हर साल होने वाली “टू सेशंस” यानी “दो सत्र” देश की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकों में से एक मानी जाती है। इस दौरान देश के नेता और प्रतिनिधि इकट्ठा होकर चीन के विकास, अर्थव्यवस्था और आने वाली नीतियों पर चर्चा करते हैं। इन बैठकों में NPC और CPPCC की बैठक होती है। इसमें सरकार अपनी कामकाज की रिपोर्ट पेश करती है, आर्थिक विकास के लक्ष्य तय किए जाते हैं और देश के भविष्य से जुड़े कई अहम फैसलों पर विचार किया जाता है। इसी पर चर्चा करने के लिए, हमारे साथ जुड़ गये हैं जेएनयू के प्रोफेसर और चीनी और दक्षिण पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार।

13-Mar-2026