एशियाई सभ्यता संवाद सम्मेलन की वर्ष 2019 पेइचिंग सहमति जारी

2019-05-25 16:58:29
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

15 मई को एशियाई सभ्यता संवाद सम्मेलन चीन की राजधानी पेइचिंग में उद्घाटित हुआ। एशिया के सभी 47 देशों और विश्व के अन्य देशों व अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से आए 1352 प्रतिनिधियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन का थीम है एशियाई सभ्यता का आदान-प्रदान व आपसी सीख और एशियाई साझा नियति समुदाय। उपस्थितों ने एशियाई सभ्यता के विकास रास्ते की चर्चा की, एशिया में सहयोग व समान जीत की योजना बनायी, और विस्तृत सहमति प्राप्त की। साथ ही एशियाई सभ्यता संवाद सम्मेलन की वर्ष 2019 पेइचिंग सहमति भी जारी की गयी।

इस सहमति का विषय इस प्रकार हैGहमारे ख्याल से एशिया के पूर्वजों ने सभ्यता की शानदार उपलब्धियां बनायी। जिससे मानव की आध्यात्मिक दुनिया और रंगारंग बनी, भौतिक जीवन और समृद्ध बना, और सामाजिक व्यवस्था भी और विविध बन गयी। वर्तमान में एशियाई सभ्यता खुलेपन में आदान-प्रदान करती है, और आपसी सीख में विकसित हो रही है। एशियाई सभ्यता का फूल विश्व सभ्यता उद्यान में खिल रहा है। एशियाई जनता को सभ्यता पर आत्मविश्वास को मजबूत करके लगातार एशियाई सभ्यता की नयी महिमा बनायी चाहिये।

हमने यह देखा है कि आज की दुनिया बड़े विकास, बड़े रूपांतरण व बड़े समायोजन के दौर में गुजर रही है। पर शांति व विकास अभी तक युग का मुद्दा है। साथ ही मानव के सामने तरह तरह की वैश्विक चुनौतियां और गंभीर बन रही हैं। उन चुनौतियों का मुकाबला करने के लिये आर्थिक शक्ति और विज्ञान व तकनीक की शक्ति के अलावा सभ्यता व संस्कृति की शक्ति को भी चाहिये। एशियाई सभ्यता संवाद सम्मेलन के आयोजन से एशिया यहां तक कि विश्व के विभिन्न देशों की सभ्यताओं के बीच समान संवाद, आदान-प्रदान व आपसी सीख, और समान विकास को मजबूत करने के लिये एक विशाल नया मंच तैयार किया गया है।

चंद्रिमा

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories