17 अक्तूबर 2019

2019-10-17 15:38:14
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

अनिलः प्रोग्राम शुरू करते हैं। दोस्तों, क्या आपने कभी जानवरों के ब्लड बैंक के बारे में सुना है? जी हां, दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां 'पेट्स ब्लड बैंक' बनाए गए हैं। इन ब्लड बैंकों में ज्यादातर कुत्ते और बिल्लियों के खून मिलते हैं, क्योंकि ये ऐसे जानवर हैं, जिन्हें लोग सबसे ज्यादा पालते हैं। जब भी कोई कुत्ता या बिल्ली बीमार या घायल हो जाता है और उन्हें खून की जरूरत पड़ती है, तो यही ब्लड बैंक उनके काम आते हैं।

आपको जानकर हैरानी होगी कि कुत्ते और बिल्लियों में भी इंसानों की तरह अलग-अलग प्रकार के ब्लड ग्रुप होते हैं। जहां कुत्तों में 12 प्रकार के ब्लड ग्रुप होते हैं, तो वही बिल्लियों में तीन प्रकार के ब्लड ग्रुप पाए जाते हैं

उत्तरी अमेरिका में स्थित 'पशु चिकित्सा ब्लड बैंक' के प्रभारी डॉक्टर केसी मिल्स के मुताबिक, कैलिफोर्निया के डिक्सन और गार्डन ग्रोव शहरों के अलावा मिशिगन के स्टॉकब्रिज, वर्जीनिया, ब्रिस्टो और मैरीलैंड के अन्नापोलिस शहर समेत उत्तरी अमेरिका के कई शहरों में पशु ब्लड बैंक हैं। यहां लोग समय-समय पर अपने पालतू जानवरों को ले जाकर रक्तदान करवाते हैं।

डॉक्टर मिल्स ने बताया कि पशुओं के रक्तदान की प्रक्रिया में लगभग आधे घंटे का समय लगता है और सबसे खास बात कि उन्हें एनेस्थेसिया देने की भी जरूरत नहीं पड़ती।


नीलमः वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान में एक बेहद ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक धर्मस्थल की देखरेख करने वाले व्यक्ति ने एक इलेक्ट्रिशियन के पीछे इसलिए अपना पालतू शेर छोड़ दिया, क्योंकि उसने अपना मेहनताना मांग लिया था। यह घटना पंजाब प्रांत के लाहौर शहर की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक इमाम बारगाह के प्रबंधक ने इस घटना को अंजाम दिया है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है नौ सितंबर को हुई इस गंभीर घटना में इलेक्ट्रिशियन बुरी तरह घायल हो गया था।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित इलेक्ट्रिशियन रफीक अहमद ने घटना के तुरंत बाद इमाम बारगाह सदा-ए-हुसैन के प्रबंधक आरोपी अली रजा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी, क्योंकि उसने उसके इलाज का खर्च और मेहनताना देने का वादा किया था। लेकिन एक महीने तक लगातार कहने के बावजूद भी अली रजा ने उसे पैसे नहीं दिए, जिसके बाद मजबूर होकर उसने पुलिस का रूख किया।

अनिलः उधर जापान में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बारे में जिसने भी सुना, वो हैरान रह गया।

टोक्यो के ओटा वार्ड इलाके में पिछले कुछ दिनों से लगातार साइकिल की सीटें चोरी हो रही थीं, जिसके बाद लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और पाया कि एक बुजुर्ग साइकिल की सीट निकाल कर अपनी साइकिल में लगे बास्केट में डाल कर चुपचाप वहां से चला गया।

पुलिस ने उस बुजुर्ग के बारे में पता लगाया और उसके घर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मी यह देख कर हैरान थे कि अकियो हतोरी नामक शख्स ने अपने घर पर चोरी की हुई साइकिल की 159 सीटें जमा कर रखी थीं।

पुलिस ने जब अकियो से उसके चोरी करने की वजह के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि पिछले साल किसी ने पहले उनकी साइकिल की सीट चुराई थी और फिर बाद में साइकिल भी चुरा ली थी। इससे दुखी होकर उसने लोगों से बदला लेने की सोची और साइकिल की सीट चोरी करने लगा।


नीलमः वहीं नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है. इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली को नोबेल शांति पुरस्कार मिला है. यह पुरस्कार उनके देश के चिर शत्रु इरिट्रिया के साथ संघर्ष को सुलझाने के लिए दिया गया है. नोबेल कमेटी ने इसकी जानकारी दी है. नोबेल पुरस्कार जूरी ने बताया अबी को शांति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने के प्रयासों के लिए और विशेष रूप से पड़ोसी इरिट्रिया के साथ सीमा संघर्ष को सुलझाने के निर्णायक पहल के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.''

इससे पहले 10 अक्‍टूबर को वर्ष 2018 के लिए पोलिश लेखिका ओल्गा टोकार्कज़ुक को साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया. वर्ष 2019 के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार ऑस्ट्रियाई लेखक पीटर हैंडके को दिया गया. स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में नोबेल फाउंडेशन ने नोबेल पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की.


अनिलः वहीं भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक अभिजीत बनर्जी को 2019 के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया है. 2019 का इकोनॉमिक्स का नोबेल भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नी एस्थर डुफ्लो और माइकल क्रेमर को दिया गया है. इससे पहले 1998 में अमर्त्य सेन को इकोनॉमिक्स का नोबेल दिया गया था. अभिजीत, एस्थर और माइकल को वैश्विक गरीबी कम करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए यह पुरस्कार दिया गया है.

अभिजीत बनर्जी ने स्कूलिंग कोलकाता के साउथ प्वाइंट स्कूल में की. फिर ग्रेजुएशन कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज में की. इसके बाद 1983 में इकोनॉमिक्स से एमए जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सटी से किया. बाद में 1988 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी की.

वहीं अवॉर्ड जीतने के बाद उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति डांवाडोल है. मौजूदा डेटा से यह आश्वासन नहीं मिलता कि अर्थव्यवस्था की सेहत में जल्द सुधार आएगा.

उन्होंने एक बयान में कहा, 'भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति डांवाडोल है. मौजूदा विकास दर के आंकड़ों से यह आश्वासन नहीं मिलता कि इसमें जल्द सुधार आएगा.' हालांकि अब भारत सरकार को भी लगने लगा है कि सचमुच अर्थव्यवस्था की हालत खराब है.

नीलमः वहीं अमिताभ बच्चन के पॉपुलर गेम शो कौन बनेगा करोड़पति सीजन 11 में ठाणे से आईं नमिता राउत ने भाग लिया. उन्होंने अपने संघर्ष की कहानी जब साझा की तो सभी भावुक हो गए. नमिता ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया और 12.50 लाख रुपए जीतने में कामयाब रहीं. गेम के दौरान वे 13वें सवाल तक पहुंचीं जोकि 25 लाख का था. मगर नमिता को इस प्रश्न का उत्तर नहीं आता था. उन्होंने गेम को क्विट करना मुनासिब समझा. बता रहे हैं क्या था 25 लाख का सवाल.

13वां सवाल नोबेल पुरस्कार से जुड़ा था. सवाल था- आरंभ के बाद से नोबेल प्राइज की वो कौन सी कैटेगरी है जिसमें हर साल किसी ना किसी को सम्मानित किया जाता है. ऑप्शन थे केमिस्ट्री, फिजिक्स, पीस और इकोनॉमिक्स. निमिता इस सवाल के जवाब को लेकर 100 प्रतिशत श्योर नहीं थीं. उन्होंने गेम क्विट कर दिया. सवाल का जवाब था इकोनॉमिक्स.

बता दें कि नमिता इस हफ्ते हॉट सीट पर बैठने वाली पहली कंटेस्टेंट थीं. पेशे से नमिता मेट्रोलॉजिकल इंजीनियर हैं. उन्होंने बीएचयू के 1981 बैच से आईआईटी पास किया है. नमिता ने अपने संघर्ष के बारे में बात करते हुए बताया था कि उन्हें शुरुआती दौर में काफी पीछे घसीटने की कोशिश की गई. मगर उन्होंने हार ना मानते हुए पूरे हौसले के साथ मेहनत जारी रखी. उन्होंने 5 सालों तक इंजीनियरिंग की पढ़ाई बिना गर्ल्स वॉशरूम के की. उनकी कहानी सुन कर अमिताभ बच्चन समेत वहां मौजूद सभी लोगों ने तालियां बजाईं.

अनिलः वहीं भारतीय रेलवे ट्रेनों के संचालन को बड़े स्तर पर निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रहा है. पहले चरण में 150 ट्रेनों को प्राइवेट कंपनियों को संचालन के लिए देने की तैयारी है. इस बारे में रेल मंत्रालय ने फैसला ले लिया है.

नीति आयोग ने इस बाबत रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को एक खत लिखा है. इस खत में 400 रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तर का बनाए जाने के काम को लेकर भी जिक्र है. इसमें कहा गया है कि कई सालों से इस तरीके की बातें की जाती रही हैं. लेकिन वास्तव में इक्का-दुक्का स्टेशनों को छोड़कर इसको कार्यान्वित नहीं किया गया है.

नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन को लिखे गए पत्र में कहा है कि रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तर का बनाने के काम को लेकर रेल मंत्री से चर्चा की गई है, जिसमें यह बात सामने निकलकर आई है कि 50 स्टेशनों को वरीयता के आधार पर विश्व स्तर का बनाया जाए, और इस काम निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई जाए.

इसके लिए नीति आयोग के सीईओ ने हाल ही में 6 एयरपोर्ट के निजीकरण के अनुभव के बारे में जिक्र करते हुए कहा है कि इसी तरीके का काम रेलवे के लिए भी किया जा सकता है. इसके लिए एक इंपावर्ड ग्रुप ऑफ सेक्रेट्रीज बनाने का सुझाव दिया गया है. जिसमें नीति आयोग के सीईओ, चेयरमैन रेलवे बोर्ड, सेक्रेटरी डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स, सेक्रेटरी मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स को शामिल करके टाइम बाउंड तरीके से इस काम को आगे बढ़ाने की बात कही गई है.

रेलवे बोर्ड चेयरमैन को लिखे गए इस पत्र में नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा है कि जैसा कि पहले से मालूम है कि रेल मंत्रालय ने पैसेंजर ट्रेन ऑपरेशंस में निजी ट्रेन ऑपरेटर स्कोर लाने का फैसला किया है और पहले चरण में डेढ़ सौ ट्रेनों को निजी ऑपरेटर के हाथ में दिए जाने की तैयारी है. इस पत्र में नीति आयोग ने कहा है कि ऐसा किए जाने से भारतीय रेलवे में पैसेंजर ट्रेनों के संचालन में आमूलचूल परिवर्तन होगा.

प्रोग्राम में जानकारी देने का समय यहीं संपन्न हो गया है। अब समय हो गया है श्रोताओं की टिप्पणी का।

नीलमः पहला पत्र भेजा है, खंडवा मध्य प्रदेश से दुर्गेश नागनपुरे ने। लिखते हैं, आदरणीय भाई अनिल पांडेय जी और बहन नीलम जी को हमारा सादर नमस्कार , आदाब और शुभ संध्या ।

10 अक्टूबर दिन गुरुवार का टी टाइम कार्यक्रम बेहद लाजवाब लगा । कार्यक्रम में प्रसारित तमाम अजीबोगरीब एवं चटपटी बातें,हिन्दी गीत,श्रोता बंधुओ के द्वारा भेजी गई प्रतिक्रियाएं और कार्यक्रम के अंत मे भाई अनिल पांडेय जी द्वारा प्रस्तुत मजेदार चुटकुल गुदगुदाने में कामयाब रहे। उन्होंने जोक्स भी भेजे हैं जिन्हें अगली बार शामिल किया जाएगा।

धन्यवाद।

अनिलः अगला पत्र हमें भेजा है, केसिंगा उड़ीसा से सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं, "खेल जगत" के तहत अनिल पाण्डेय द्वारा आज के अंक में यह अहम जानकारी दी गई कि टेनिस सनसनी सानिया मिर्ज़ा की बहन अनम मिर्ज़ा दिसम्बर में क्रिकेटर अज़हरुद्दीन के बेटे असद से निक़ाह करेंगी। दोहा, क़तर में आयोजित विश्व एथलेटिक्स में केन्या और जर्मनी को स्वर्ण पदक मिले, वहीं मैराथन में भारत के गोपी थोनाकल 21वें स्थान पर रहे। यह जान कर अच्छा लगा कि 27 सदस्यीय भारतीय दल ने आशा से अधिक अच्छा प्रदर्शन किया एवं अविनाश धावले ने तोक्यो ओलम्पिक के लिये क्वालीफाई कर लिया। वहीं चाइना ओपन में एसले बारटी को हरा कर 21 वर्षीय जापानी नाओमि ओसाका द्वारा खिताब अपने नाम किये जाने का समाचार भी महत्वपूर्ण लगा। धन्यवाद फिर एक बेहतरीन प्रस्तुति के लिये।

नीलमः सुरेश आगे लिखते हैं कि टी-टाइम प्रोग्राम में आपने लेबनान की रहने वाली वाफा मोहम्मद अवद नामक एक ऐसी महिला भिखारी के बारे में जानकारी दी, जिसके बैंक खाते में करीब 6.37 करोड़ रुपये हैं। हमारी राय में इसमें चौंकने वाली कोई बात नहीं है, क्योंकि इस तरह के एकाधिक भिखारियों का क़िस्सा हम भारत में भी सुन चुके हैं। ऐसे भिखारी दिन भर कहीं भी अपनी भीख की दुकान जमाते हैं और दिन ढ़लते ही अपनी महंगी कार से घर लौटते हैं। कुछ एक पढ़े-लिखे लोगों ने तो इसे पेशे के तौर पर अपना लिया है, क्योंकि -हींग लगे न फिटकिरी और रंग चोखा होय !

वहीं दुनिया में पहली बार रूस स्थित यकुशिया की न्यूरबा खान से एक हीरे के अंदर हीरा मिलने का समाचार अद्भुत लगा। वैसे उक्त हीरे के 80 करोड़ साल से भी अधिक पुराना होने की बात कितना विज्ञानसम्मत है, कहना मुश्किल है।


अनिलः जानकारियों के क्रम में वैज्ञानिकों द्वारा भूमध्य सागर में ग्रेटर एड्रिया नामक एक छिपे हुए महाद्वीप की खोज का समाचार भी अचम्भित करने वाला तो था, परन्तु उनका यह अनुमान कि महाद्वीप (ग्रेटर एड्रिया) करीब 14 करोड़ साल पहले उत्तरी अफ्रीका से अलग होकर भूमध्य सागर में डूब गया था, कितना सही है कहना मुश्किल है।

हाँ, न्यूयॉर्क में आयोजित उस प्रतियोगिता के बारे में जान कर कुछ अटपटा अवश्य लगा, जिसके तहत प्रतियोगियों को टॉयलेट पेपर से वेडिंग ड्रेस बनाने का काम दिया गया था। वास्तव में, इस तरह की प्रतियोगिताओं का मक़सद महज़ अनूठे कीर्तिमान स्थापित करना होता है, अन्यथा इस तरह की वेडिंग ड्रेस बनाने में 400 घंटे का समय लगाने में रचनात्मकता वाली बात क्या है।


नीलमः वहीं दुनिया के प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार के बारे में दी गयी तमाम जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण लगी। आपने यह तो बतलाया कि स्वीडिश अकादमी 2018 और 2019 दोनों ही वर्षों के लिए साहित्य नोबेल पुरस्कारों का घोषणा करेगी, क्योंकि 2018 में यौन उत्पीड़न के मामले में फंसने की वजह से साहित्य के नोबेल पुरस्कार को स्थगित कर दिया गया था, परन्तु यह स्पष्ट नहीं किया कि यौन उत्पीड़न के मामले में कौन फंसा था। कृपया आप मुनासिब समझें, तो वह नाम बताएं।

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दूध की आपूर्ति करने वाली प्रमुख कंपनी मदर डेयरी का यह निर्णय स्वागतेय है कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए वह मार्च 2020 तक 832 टन प्लास्टिक का पुनर्चक्रीकरण करेगी। हमारी राय में प्लास्टिक का बहुतायत में इस्तेमाल करने वाले अन्य उद्योगों को भी इस पहल का अनुसरण करना चाहिये।

वहीं अमेरिका में आगामी तीन नवम्बर से लागू होने वाले उस प्रस्ताव के बारे में जान कर भी हैरानी हुई कि अब उन अप्रवासियों को अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलेगा जिनका स्वास्थ्य बीमा नहीं है और जो इलाज का खर्च नहीं उठा सकते। हमारी राय में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम भी विवादास्पद होगा।

इन तमाम जानकारियों के अलावा कार्यक्रम में पेश श्रोताओं की प्रतिक्रियाओं एवं ज़ोक्स को यथोचित स्थान दिये जाने एवं फिर एक बेहतरीन प्रस्तुति के लिये हृदयतल से आभार। सुरेश जी पत्र भेजने के लिए शुक्रिया


अनिलः वहीं बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने भी पत्र भेजा है, लिखते हैं, मुझे पिछली बार का टी-टाइम प्रोग्राम बहुत अच्छा लगा। वैसे भी आप हर बार कुछ न कुछ नया और रोचक बताते रहते हैं, जिससे हमें बहुत जानकारी हासिल होती है। पिछले अंक में यह जानकर बहुत रोचक लगा कि हीरे के अंदर भी हीरा हो सकता है। रूस में ऐसा कारनामा सामने आया है। इसके साथ ही प्रोग्राम में पेश अन्य जानकारियां व जोक्स भी बेहतरीन थे।

धन्यवाद।


अनिलः अब जोक्स का समय हो गया है

पहला जोक

आईने के आगे खड़ी पत्नी ने, अपने पति देव से पूछा -- क्या मैं बहुत मोटी लग रही हूं?

पति ने सोचा और बेकार के झगड़े से बचने के लिए कहा-- बिल्कुल भी नहीं !!!

पत्नी ने खुश होकर रोमांटिक होकर कहा-- "ठीक है फिर मुझे अपनी बाहों में उठा कर फ्रिज तक ले चलो। मैं आइसक्रीम खाऊंगी!"

स्थिति को बेकाबू होते देख पति ने कहा --"रुकजा, ....मैं फ्रिज ही ले आता हूं!"


दूसरा जोक

टीचर : 10 नंबर के एक प्रश्न का जवाब दो

छात्र : सर प्रश्न पूछो..

टीचर : बताओ सबसे ज्यदा नकल कहां होती है..?

छात्र : सर, वॉट्सएप पर

टीचर : शाबाश, लो 10 में 10 नंबर


तीसरा जोक

छात्र : सर जी..

टीचर : हां बोलो

छात्र : मैंने जो काम नहीं किया क्या आप उसकी मुझे सजा देंगे..?

टीचर : नहीं, बिल्कुल नहीं!

छात्र : मैंने आज होमवर्क नहीं किया...

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories