09 rおjぐj堗げ 2020

2020-04-08 19:21:04
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इसे 'हिमालयन वियाग्रा' भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल ताकत बढ़ाने की दवाओं समेत कई कामों में होता है। यह रोग प्रतिरक्षक क्षमता को बढ़ाता है और फेफड़े के इलाज में भी यह काफी कारगर है। हालांकि यह बेहद ही दुर्लभ और खासा महंगा भी है। इसके महंगा होने का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि महज एक कीड़ा लगभग 1000 रुपये का मिलता है। वहीं अगर किलो के हिसाब से देखें तो नेपाल में यह 10 लाख रुपये प्रति किलो तक बिकता है। इसी कारण इसे दुनिया का सबसे महंगा कीड़ा कहा जाता है।


नीलमः अब अगली खबर। वैसे तो भारत समेत दुनियाभर में मंदिरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन मुस्लिम देश इंडोनेशिया में स्थित एक मंदिर बेहद ही खास है। यह मंदिर सागर तट पर स्थित एक बड़ी सी चट्टान पर बना है। इस चट्टान का निर्माण हजारों साल के दौरान समुद्री पानी के ज्वार से हुए क्षरण के फलस्वरूप हुआ है। इस अनोखे मंदिर के बनने की कहानी भी बेहद ही रोचक है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

इस मंदिर को 'तनाह लोत मंदिर' के नाम से जाना जाता है, जो इंडोनेशिया के बाली में है। दरअसल, स्थानीय भाषा में 'तनाह लोत' का मतलब समुद्री भूमि (समुद्र में भूमि) होता है। यह मंदिर बाली में सागर तट पर बने उन सात मंदिरों में से एक है, जिन्हें एक श्रृंखला के रूप में बनाया गया है, जिसकी खासियत ये है कि हर मंदिर से अगला मंदिर स्पष्ट दिखता है।


अनिलः यह मंदिर जिस शिला पर टिका हुआ है, वह 1980 में कमजोर होकर झड़ने लगी थी, जिसके बाद मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र को खतरनाक घोषित कर दिया गया था। बाद में जापान की सरकार ने इसे बचाने के लिए इंडोनेशियाई सरकार की मदद की थी। तब जाकर चट्टान के लगभग एक तिहाई हिस्से को कृत्रिम चट्टान से ढंककर एक नया रूप दिया गया।


वहीं...लॉकडाउन के दौरान निजामुद्दीन और अन्य संवेदनशील इलाकों में लोगों पर नजर रखने के लिए पुलिस ड्रोन कैमरों की सहायता ले रही थी। इसकी सफलता देखने के बाद अब पुलिस पूरी दिल्ली में ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल करेगी। ड्रोन की मदद से गली-मोहल्लों में शाम होते ही जमघट लगाने वालों की पहचान की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि कुछ संकरी गलियों में गश्त मुश्किल होती है, इसलिए कैमरों से नजर रखी जाएगी।


अनिलः बता दें कि लॉकडाउन के दौरान भी लोग बेवजह घरों से बाहर निकल रहे हैं। लोग मोहल्लों में शाम को एकत्र होकर गपशप में जुट जाते हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अब ड्रोन कैमरों की मदद से बेवजह घरों से बाहर निकलने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने पश्चिम विहार की झुग्गियों में मंगलवार को ड्रोन की सहायता से संक्रमणरोधी दवा का छिड़काव किया। इस दौरान जनस्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष विनीत वोहरा व केशवपुरम जोन की उपायुक्त ईरा सिंघल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

वोहरा ने बताया कि ड्रोन का इस्तेमाल कम समय में अधिक क्षेत्र में छिड़काव करने के लिए किया जाता है। वहीं, ड्रोन की सहायता से कर्मचारी में संक्रमण का खतरा कम रहता है। ऐसे में उत्तरी निगम अधिकतर क्षेत्रों में ड्रोन की सहायता से दवा का छिड़काव करा रहा है, ताकि कोरोना का दंश न फैल सके।


इसी के साथ आज के प्रोग्राम में जानकारी देने का सिलसिला यहीं खत्म होता है।

नीलमः अब बारी है श्रोताओं के पत्र शामिल करने की। पहला पत्र हमें भेजा है। खंडवा, मध्य प्रदेश से दुर्गेश नागनपुरे ने। लिखते हैं, हमें टी-टाइम कार्यक्रम बहुत अच्छा लगा । कार्यक्रम की शुरुआत में आपके द्वारा दी गई तमाम जानकारियां हमें बहुत ही रोचक और ज्ञानवर्धक लगी । साथ ही मेरे द्वारा प्रेषित पत्र, श्रोता मित्रों की प्रतिक्रियाएं, भाई शंकर प्रसाद शंभू जी द्वारा " कोरोना से लड़ाई " नामक शिक्षाप्रद कविता, मेरे द्वारा भेजे गए मजेदार जोक्स आपकी अनोखी आवाज में सुनकर बहुत अच्छा लगा। और हां बहुत दिनों के बाद बहन नीलम जी की मीठी आवाज सुनने को मिली और उन्होंने प्रोग्राम में हमारा पत्र भी पढ़ा, जिसे सुनकर हमें बेहद खुशी हुई । आप इसी प्रकार हम सभी श्रोताओं का मनोरंजन और ज्ञानवर्धन करते रहिए। हमारी शुभकामनायें आपके साथ हैं । धन्यवाद


अनिलः साथ ही हमारी ओर से सीआरआई हिन्दी सेवा की पूरी टीम के लिए दो प्यारी-सी पंक्तियां :-

दूरियों से कोई फर्क नहीं पड़ता,

बात तो दिलों की नज़दीकियों से होती है,

दोस्ती तो कुछ आप जैसों से है,

वरना मुलाकात तो जाने कितनों से होती है !

आज के कार्यक्रम में जोक्स भेज रहा हूं। दुर्गेश जी, धन्यवाद। आपके द्वारा भेजे गए जोक्स कार्यक्रम में शामिल किए जाएंगे।


अब शामिल करते हैं पंतनगर, उत्तराखंड से वीरेंद्र मेहता का पत्र। लिखते हैं, नमस्कार (नी हाउ )

प्रोग्राम का नया अंक सुना - डॉल्फिन तो वैसे बहुत सोशल व समझदार होती है और इनका मानव जाति के साथ भी बहुत इंटरेक्शन होता है । पर यह खबर बहुत आश्चर्यजनक लगी कि , यह अमेरिका में परमाणु हथियारों की सुरक्षा भी करती है , सी लायन के साथ मिलकर जहां पर अमेरिका के लगभग एक चौथाई परमाणु हथियार मौजूद हैं । और वही नीलम जी ने डॉल्फिन और सी लायन की विशेषताओं से रूबरू करवाया जानकारी अच्छी लगी । आपके द्वारा यह भी जाना कि बिहार के सरसई गांव जो कि वैशाली जिले में आता है । वहां के लोग चमगादड़ों की पूजा ही नहीं बल्कि उन्हें यह अपने देवता के समान भी मानते हैं। जानकारी बहुत रोचक थी । धन्यवाद ।

नीलमः अगला पत्र हमें भेजा है, दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं, खेल जगत प्रोग्राम में आपने दुनिया भर के खेलों की सुर्खियां सुनायी, उसके बाद बार्सिलोना द्वारा कोरोना वायरस को लेकर सहयोग करने और तोक्यो ओलंपिक स्थगित होने से जिम्नास्ट दीपा कर्माकर की उम्मीद जगने की खबर पेश की।अब उन्हें क्वालीफाई करने का मौका मिल पाएगा। हम लोग भी उनकी मनोकामना पूर्ण होने के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देते हैं। साथ ही आपने बतायाकि टोक्यो ओलंपिक स्थगित होने से अमेरिका की खेल संस्थाओं को लगभग 800 करोड़ अमेरिकी डॉलर का नुक़सान होगा। यह सुनकर एक कहावत याद आ रही है 'जैसी करनी, वैसी भरनी!' अमेरिका ने कोरोना वायरस महामारी को मजाक समझा और स्वयं सतर्क न होकर दूसरे की खिल्ली उड़ायी, जिसकी सजा उन्हें अब मिल रही है।


अनिलः शंकर प्रसाद आगे लिखते हैं "टी टाईम" भी ध्यान से सुना, जिसमें बताया गया कि अमेरिका के सिएटेल शहर से लगभग 20 मील की दूरी पर अमेरिकी नेवी का बेस कैंप है, जिसे 'नेवल बेस किटसैप' कहा जाता हैं।दूसरी जानकारी में सुना कि बिहार के अंतर्गत वैशाली जिले के राजापाकड़ प्रखंड में स्थित सरसई रामपुर रत्नाकर नामक गांव में चमगादड़ों को ग्राम देवता के रूप में मानते हुए उनकी पूजा करते हैं। इतना ही नहीं उन्हें संपन्नता का प्रतीक भी माना जाता है और गाँव में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले लोग चमगादड़ों की पूजा करते हैं।

वहीं जापान के एक छोटे से शहर तोमियोको में 'नाओतो मात्सुमुरा' नामक व्यक्ति ने पूरे के पूरे शहर में अकेले हीं रहते हैं। और वे पालतू जानवरों के साथ ही लावारिस जानवरों के भी संरक्षक हैं।

हिन्दी गीत- ओ तेरी नींद नजर ने मारा ओ सांवला तेरी गर्मी में है ताला--- मधुर एवं रोमांटिक लगा। साथ ही सभी श्रोताओं की प्रतिक्रियाएं बहुत अच्छी लगी।

धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति के लिए।


नीलमः अब पेश है केसिंगा, उड़ीसा से सुरेश अग्रवाल का पत्र। लिखते हैं, "खेल जगत" के तहत अनिल जी द्वारा आज भी कम समय में अत्यंत महत्वपूर्ण खेल गतिविधियों के समाचारों को समेटा गया। फिर चाहे वह लियोनल मेसी के नेतृत्व में स्पेन के बार्सिलोना फुटबॉल क्लब को कोरोना महामारी के चलते राहत पहुंचाने तमाम खिलाड़ियों द्वारा अपने वेतन से 70 प्रतिशत कटौती कर उसे प्रदान किया जाना हो या कि तोक्यो ओलम्पिक के स्थगित होने पर जिम्नास्ट दीपा कर्माकर को अपनी चोट से उबरने का सुनहरा मौक़ा मिला हो, जानकारी काफी अहम लगी। वहीं भारतीय ओलंपिक समिति द्वारा कोरोना महामारी के चलते खिलाड़ियों के प्रशिक्षण हेतु बाद में तिथि की घोषणा किये जाने एवं अमेरिका में कोरोना वायरस के चलते फ़रवरी से जून के बीच एनजीबी को आठ सौ करोड़ का नुक़सान होने की बात भी काफी अहम लगी। धन्यवाद एक बेहतरीन प्रस्तुति के लिये।


अनिलः सुरेश जी आगे लिखते हैं कि "टी टाइम" का आगाज़ अमेरिका के 'नेवल बेस किटसैप' की जानकारी से किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण लगा। यह जान कर हैरानी हुई कि अमेरिका के सिएटल शहर से कोई 20 मील की दूरी पर स्थित उसके नेवी बेस कैंप, जहाँ अमेरिका के करीब एक चौथाई परमाणु हथियार रखे हुए हैं, उनकी निगरानी कोई इंसान या मशीन नहीं, बल्कि डॉल्फिन और सी लॉयन मछलियां करती हैं। यह जानकारी हमारे लिये बिलकुल नई थी।

जानकारियों के क्रम में बिहार के वैशाली ज़िले के सरसई (रामपुर रत्नाकर) गाँव में यहां के लोगों द्वारा चमगादड़ों को 'ग्राम देवता' के रूप में पूजे जाने का किस्सा तो और भी अनूठा लगा। पता नहीं, आप भी कहां-कहां से और कैसे जुटा लेते हैं ऐसी जानकारियां।

वहीं जापान के एक छोटे से शहर तोमियोको में गत 11 मार्च 2011 से अकेले रहने वाले नाओतो मात्सुमुरा की कहानी तो भावविह्वल करने वाली लगी। हमें यह जान कर बहुत अच्छा लगा कि उनके यहां अकेले रहने के पीछे का कारण उनका अपने जानवरों के प्रति गहरा प्रेम होना है।

इन तमाम महत्वपूर्ण जानकारियों के अलावा कार्यक्रम में पेश श्रोता-मित्रों की बेशक़ीमती राय एवं तीनों जोक्स काफी अच्छे लगे। धन्यवाद फिर एक बेहतरीन प्रस्तुति के लिये।

धन्यवाद सुरेश जी


नीलमः अब आखिर में पेश है, बेहाला, कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल का खत..लिखते हैं, पिछले कार्यक्रम में आपने अमेरिका में डॉल्फिन व सी लायन द्वारा परमाणु हथियारों की रक्षा करने का समाचार बताया। वहीं जापान के एक शख्स का जानवरों के प्रति प्रेम देखकर बहुत अच्छा लगा। इसके साथ ही प्रोग्राम में पेश अन्य जानकारियां भी बहुत अच्छी लगी। कार्यक्रम में पेश श्रोताओं के पत्र भी बहुत अच्छे लगे। धन्यवाद।



अनिलः इसी के साथ प्रोग्राम में श्रोताओं की टिप्पणी यहीं खत्म होती है। अब समय हो गया है जोक्स यानी हंसगुल्लों का।

अब बारी है जोक्स की। जो कि दुर्गेश नागनपुरे ने भेजे हैं।

(1) पप्पू के दांत में कीड़ा लग गया।

वो चिरकुट बाबा के पास गया और इलाज़ पूछा

चिरकुट बाबा: चार दिन तक शाम को दारू के साथ नमकीन लो

और पांचवें दिन सिर्फ दारू लेना, कीड़ा जरूर निकल जाएगा।

पप्पू ने चार दिन तक दारू -नमकीन लिया और पांचवें दिन सिर्फ दारू ।

KKK. कीड़ा बाहर निकला और बोला- आज नमकीन नहीं है क्या..?

(2) पप्पू की गाँव के पहलवान से लड़ाई हो गयी,

पहलवान V मैं तेरी चटनी बना दूंगा,

पप्पू V अबे जा ,

मैंने अच्छे अच्छों को पानी पिलाया है,

पहलवान हैरानी से V कैसे ?

पप्पू V मैं होटल में वेटर हूँ

(3) पप्पू अपने घर के बाथरूम में बेठा कपड़े धो रहा था

दोस्त बोला यार तुमने तो काम वाली बाई रखी थी

फिर कपड़े तुम क्यों धो रहे हो

पप्पू बोला मेने उसके साथ शादी कर ली यार ।

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