30 rおjぐj堗げ 2020

2020-04-30 16:59:34
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

अनिलः कार्यक्रम शुरू करते हैं। आज के कार्यक्रम जानकारी के बाद कुछ ऑडियो रिकार्डिंग सुनाई जाएगी, जो कि केसिंगा उड़ीसा से सक्रिय श्रोता और मॉनिटर सुरेश अग्रवाल जी ने भेजी हैं। उन्होंने कुछ श्रोताओं के साथ बात की। आज हम इनमें से तीन रिकार्डिंग पेश करेंगे।

अब यह जानकारी। दुनिया में एक से एक बड़े-बड़े जंगल हैं, जहां हजारों पेड़-पौधे और जीव-जंतु रहते हैं। वैसे तो दुनिया का सबसे बड़ा जंगल अमेजन का वर्षावन है, जो अरबों एकड़ में फैला हुआ है। यह जंगल इतना विशाल है कि यह अकेले ही नौ देशों की सीमाओं को छूता है। कुछ ऐसा ही है कांगो का वर्षावन, जिसे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा जंगल कहा जाता है। यह मध्य अफ्रीका में स्थित है और इसका ज्यादातर हिस्सा कांगो देश में फैला हुआ है। 23 लाख वर्ग किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र में फैला यह जंगल भी इतना बड़ा है कि यह छह देशों में फैला हुआ है। कांगो के जंगल को 'वर्षावन' इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहां अधिकतर समय बारिश ही होती रहती है और खूब होती है। कहते हैं कि इस जंगल के कई हिस्से ऐसे भी हैं, जहां इंसान भी आज तक नहीं पहुंच पाए हैं। यहां तक कि जंगल में रहने वाले लोग भी पूरा जंगल नहीं घूम पाए होंगे।


नीलमः अगर किसी रोज हमारी धरती से कोई क्षुद्र ग्रह या उल्कापिंड टकरा जाए, तो क्या होगा? क्या ऐसी किसी आफत को आने से रोका जा सकता है? क्योंकि उल्कापिंड या धूमकेतु अगर पृथ्वी से टकराया तो भारी तबाही मच सकती है। ब्रह्मांड में बहुत से उल्कापिंड, धूमकेतु और क्षुद्र ग्रह तैर रहे हैं। ये बेकाबू हैं और किसी भी ग्रह के गुरुत्वाकर्षण के दायरे में आने पर उससे टकराकर खत्म हो जाते हैं। ऐसा टकराव भारी तबाही ला सकता है।


हमारी धरती ने इसका एक सबूत 1908 में साइबेरिया के टुंगुस्का में देखा था। जब एक क्षुद्र ग्रह धरती से टकराने से पहले जलकर नष्ट हो गया था। इसकी वजह से करीब 100 मीटर बडा आग का गोला बना था। इसकी चपेट में आकर 8 करोड पेड नष्ट हो गए थे। ऐसी किसी तबाही से बचाने के लिए दुनिया के कई वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। वे किसी एस्टेरॉयड के धरती से टकराने का पूर्वानुमान लगाकर, उससे निपटने के उपाय तलाश रहे हैं।

अनिलः वहीं भारत में राजा, महाराजा और नवाबों की जीवनशैली हमेशा चर्चा में बनी रहती है। किसी राजा ने कूड़ा फेंकने के लिए शाही कार रोल्स रॉयस खरीद ली तो कोई डायमंड को ही पेपरवेट के रूप में इस्तेमाल करते थे। इन्हीं शौकीनों में से एक थे जूनागढ़ के नवाब, महाबत खान। उन्हें कुत्तों से खास लगाव था।


कुत्ते पालने के शौकीन जूनागढ़ के नवाब महाबत खान ने तकरीबन 800 कुत्ते पाल रखे थे। इतना ही नहीं इन सभी कुत्तों के लिए अलग-अलग कमरे, नौकर और टेलीफोन की व्यवस्था रखी गई थी। अगर किसी कुत्ते की जान चली जाती तो उसको तमाम रस्मों-रिवाज के साथ कब्रिस्तान में दफनाया जाता और शव यात्रा के साथ शोक संगीत बजता। हालांकि नवाब महाबत खान को इन सभी कुत्तों में सबसे ज्यादा लगाव एक फीमेल डॉग से था, जिसका नाम रोशना था।


नवाब महाबत खान के इस शौक का जिक्र विख्यात इतिहासकार डॉमिनिक लॉपियर और लैरी कॉलिन्स ने अपनी किताब फ्रीडम एट मिडनाइट में भी किया है। महाबत खान ने रोशना की शादी बहुत धूमधाम से बॉबी नामक कुत्ते से कराई। इस शादी में नवाब ने आज के वैल्यू के हिसाब से करीब 2 करोड़ से भी अधिक की धनराशि खर्च की थी।


नवाब महाबत खान द्वारा आयोजित की गई इस शादी में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा मेहमान शामिल हुए थे। हालांकि इस शादी में खर्च किए गए पैसों से जूनागढ़ की तत्कालीन 6,20,000 आबादी की कई जरूरतें पूरी की जा सकती थी।



....ऑडियो रिकार्डिंग..


अब पेश की जाएंगी सुरेश अग्रवाल द्वारा भेजी गयी रिकार्डिंग। जिनमें उन्हें उत्तराखंड, पंतनगर के वीरेंद्र मेहता, जमशेदपुर से एस.बी.शर्मा व अमेठी से अनिल द्विवेदी के साथ बात कर लॉकडाउन के दौरान उनके बारे में जानकारी हासिल की।


रिकार्डिंग के बाद श्रोताओं के पत्र।



नीलमः सबसे पहला पत्र हमें भेजा है, बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने।

लिखते हैं, पिछले प्रोग्राम में पेश सभी जानकारी अच्छी लगी। विशेषकर आपने पृथ्वी दिवस के बारे में बताया। आपके माध्यम से हमें इस विषय पर इतनी विस्तार से जानकारी हासिल हुई। इसके साथ ही कार्यक्रम में पेश अन्य सूचनाएं और जोक्स भी शानदार लगे। धन्यवाद।

अब पेश करते हैं खंडवा मध्य प्रदेश से दुर्गेश नागनपुरे का खत। लिखते हैं, नी हाउ नमस्कार, आदाब और शुभ संध्या। लिखते हैं हमें पिछला टी टाइम कार्यक्रम बहुत अच्छा लगा। इस दिन के टी टाइम प्रोग्राम में आपने 22 अप्रैल विश्व पृथ्वी दिवस के बारे में बताया। जो बहुत अच्छा लगा। साथ ही कार्यक्रम में प्रस्तुत दो अन्य जानकारियां भी बहुत पसंद आई । अफ्रीकी देश के द्वीप मेडागास्कर और अमेरिका के रहने वाले दंपति माइक और लिसा के बारे में दी गई विस्तृत जानकारी बहुत मनभावन लगी । साथ ही कार्यक्रम टी टाइम को सुनते हुए हमने गर्मागर्म चाय की चुस्कियो का मजा लेते हुए हिन्दी गीत , श्रोता मित्रों की प्रतिक्रियाएं और मजेदार जोक्स का भरपूर आनंद लिया। धन्यवाद

अनिलः साथ ही उन्होंने दोस्ती शायरी भेजी है

अगर दिल न मिले तो प्यार अधूरा होता है,

चाँदनी के बिना चाँद कब पूरा होता है,

दोस्तों की भूल कर ज़िन्दगी कटती नहीं,

क्यूँकी हर एक फ्रेंड जरूरी होता है।

इसके साथ ही दुर्गेश जी लाफ्टर थेरेपी के बारे में जानकारी साझा की है, जिसे हम अगले कार्यक्रम में शामिल करेंगे।

दुर्गेश जी हमें पत्र भेजने के लिए शुक्रिया।


नीलमः अब पेश करते हैं अगला पत्र। जिसे भेजा है आजमगढ़ से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं आप सभी को रमज़ान की हार्दिक शुभकामनाएं।

वहीं अब पेश है दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू का पत्र। लिखते हैं, "खेल जगत" में आपने खेलों से जुड़ी तमाम जानकारियां पेश की। जापान में अगले वर्ष होने वाली ओलंपिक पर चर्चा करते हुए बताया गया कि कोरोना वायरस के खिलाफ की प्रतिक्रिया के आलोचना करने वाले जापानी विशेषज्ञ और होवे विश्वविद्यालय में संक्रामक रोगों के प्रोफेसर केंटारो युवाता के अनुसार संभवतः अगले वर्ष 2021 में भी ओलंपिक का आयोजन नहीं हो पायेगा। यह कार्यक्रम बेहद पसंद आया।


अनिलः वहीं आगे लिखते हैं कि "टी टाईम" ध्यान से सुना, जिसमें विश्व पृथ्वी दिवस के बारे में विस्तार से बताया गया। 22 अप्रैल को मनाये जाने वाले 'पृथ्वी दिवस' की शुरुआत एक अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने 1970 में की थी, जो पृथ्वी और इसका पर्यावरण हमें जीवन प्रदान करने वाली बातों की याद दिलाती है। इस दिन पर्यावरण संरक्षण और पृथ्वी को बचाने का संकल्प लिया जाता है।

वहीं हिंद महासागर में अफ्रीका के पूर्वी तट पर स्थित एक द्वीपीय देश मेडागास्कर विश्व का चौथा सबसे बड़ा द्वीप है, जिसका पुराना नाम मालागासी है। इस बारे में भी हमें जानकारी हासिल हुई। हिन्दी गीत का प्रसारण नहीं किया गया। जिसकी कमी दुर्गेश नागनपुरे जी द्वारा भेजे गये महान संतों में गिने जाने वाला 'दादाजी धूनीवाले' की जानकारी ने पूरी कर दी। धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति के लिए।


नीलमः अब पेश करते हैं केसिंगा उड़ीसा से सुरेश अग्रवाल जी का पत्र। लिखते हैं, "खेल जगत" के तहत अनिल पाण्डेय की प्रस्तुति आज भी लाज़वाब रही। कोविड-19 महामारी के चलते जापान में आहूत ओलम्पिक खेलों को एक साल तक टाल दिये जाने का समाचार तो पहले ही आ चुका था, जिस पर भी अब कोबे विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर इवाता द्वारा यह आशंका जताया जाना कि शायद यह ओलम्पिक अगले साल भी आयोजित न हों, काफी निराशाजनक लगा। वहीं भारत के फर्राटा धावक मिल्खा सिंह की 54 वर्षीय डॉक्टर पुत्री मोना द्वारा न्यूयॉर्क के मेट्रोपोलिटन अस्पताल में कोरोना पीड़ितों का इलाज़ करने का समाचार भी महत्वपूर्ण लगा। धन्यवाद फिर एक बेहतरीन प्रस्तुति के लिये।


अनिलः सुरेश जी आगे लिखते हैं कि "टी टाइम" के अन्तर्गत सबसे पहले पूरे विश्व में 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाये जाने का उद्देश्य समझाये जाने का शुक्रिया। हम आभार व्यक्त करना चाहते हैं अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन के प्रति, जिन्होंने सन 1969 में कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में तेल रिसाव के कारण हुई भारी बर्बादी से आहत होकर पर्यावरण संरक्षण हेतु यह निर्णय लिया।

जानकारियों के क्रम में हिंद महासागर में अफ्रीका के पूर्वी तट बसे द्वीपीय देश मेडागास्कर में खास अवसरों पर वहां के पुरुष, महिला, बच्चे, बूढ़े सभी द्वारा एक जैसे कपड़े पहनते की प्रथा, जिसे स्थानीय भाषा में 'लाम्बा' कहा जाता है, के बारे में जानकर काफी हैरानी हुई। धन्यवाद शानदार पेशकश के लिए। सुरेश जी धन्यवाद।

अब पेश करते हैं जोक्स

जो कि दुर्गेश नागनपुरे जी ने भेजे हैं।


पहला जोक

पत्नी - मैं रोज पूजा करती हूं कि

काश एक दिन 'श्रीकृष्ण' के दर्शन हो जाएं...

पति - एक बार मीराबाई बन कर जह़र पी ले...

फिर देख श्रीकृष्ण तो क्या

तूझे सारे भगवान नजर आ जाएंगे...

दूसरा जोक

पप्पू साइकिल से जा रहा था।

अचानक एक लड़की से भिड़ गया।

लड़की - घंटी नहीं मार सकता था बे...

पप्पू - अबे मैंने पूरी साइकिल मार दीK

अब क्या घंटी अलग से मारूं...

तीसरा जोक

भोलेपन की हद

पत्नी: मैं कब से पूछ रही हूँ कि,

आपके जीवन की सबसे बड़ी समस्या क्या है?

बस मुझे ही देखे जा रहे हो.. कुछ बताते क्यों नही..

बीवी: प्यार करते हो मुझे?

पति: शाहजहाँ जैसे!

बीवी: मेरे बाद ताजमहल बनाओगे?

पति: प्लाट ले चूका हूँ पगली, देर तो तू कर रही है।

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories