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2019-09-11 21:00:00
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r氞rrߓrrrZぞr rたriぞrr曕rTrむrr曕ぞ rZrぞrRいrrむrM rQ勠रहा है। इसमें मौजूद समस्याओं के निपटारे के लिए चीन सरकार ने निवास जनपद में पानी और बिजली की पाइपलाइन और ऑप्टिकल फाइबर जैसे बुनियादी संस्थापनों का पुनर्निर्माण करने, पुरानी इमारत के बाहर लिफ़्ट लगाने और पार्किंग संस्थापनों का निर्माण करने जैसे कदम उठाए।

पुराने निवास क्षेत्र का मतलब है लंबे समय पहले निर्मित निवास जनपद, जिसमें बुनियादी संस्थापन पिछड़े हुए थे और सार्वजनिक सेवा का अभाव था। चीनी राजकीय निवास और शहरी-ग्रामीण विकास मंत्रालय की उप प्रमुख ह्वांग येन ने कहा कि अब पूरे देश में करोड़ों लोग पुराने निवास क्षेत्रों में रहते हैं। इस साल चीन सरकार रूपांतर के लिए विशेष अनुदान देगी और क्षेत्रीय व वित्तीय संगठनों को सक्रिय शोध करने का प्रोत्साहन देगी। ह्वांग येन ने कहाः

यह नागरिक जीवन से जुड़े काम है और विकास की परियोजना भी है। प्रारंभिक जांच के अनुसार अब देश में पुराने निवास क्षेत्रों में रहने वालों की संख्या 10 करोड़ से भी अधिक है। हर जगह की अपनी विशेष स्थिति है। इसलिए रूपांतर का काम बहुत महत्वपूर्ण और जटिल है।

समस्याओं के समाधान के लिए चीन सरकार ने निवासियों की इच्छा के अनुसार स्थानीय नगरपालिका और निवास जनपद की भूमिका निभाने का कदम उठाया और इसमें भाग लेने के लिए निवासियों को प्रोत्साहित भी किया। चीनी राजकीय निवास और शहरी-ग्रामीण विकास मंत्रालय की उप प्रमुख ह्वांग येन ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों को सरकार की योजना और अपनी वस्तुगत स्थिति के अनुसार ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहाः

पहला, लोगों के जीवन से जुड़े बुनियादी संस्थापनों की मरम्मत की जानी चाहिए। दूसरा, पार्किंग स्थल और सांस्कृतिक केंद्र आदि सार्वजनिक जगह तैयार की जानी चाहिए। और तीसरा, बुढ़ापे के लिए आराम-विश्राम, बच्चों की देखभाल, चिकित्सा, रसद और किराने की दुकान जैसे सेवाओं का स्तर उन्नत किया जाना चाहिए।

हाल के वर्षों में चीन के पेइचिंग, शांगहाई, क्वांगचो और हांगचो आदि शहरों में पुरानी इमारतों के बाहर लिफ़्ट लगाने का काम शुरू हुआ और प्रगति हासिल हुई। उद्देश्य है कि बूढ़े लोगों के बाहर जाने की समस्या दूर हो सके। ह्वांग येन ने कहाः

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018 में पूरे देश में 10 हजार से अधिक लिफ़्ट पुरानी इमारतों में लगाई गईं और अन्य 11 हजार लिफ़्ट लगाई जाएंगी। पुनर्निर्माण के दौरान तरह तरह समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। विभिन्न क्षेत्रों की नगरपालिका को वस्तुगत स्थिति के अनुसार निवासियों की सलाह लेने के बाद योजना बनानी चाहिए।

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